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KHAMOSH
खामोश!!! खामोश!!! खामोश!!!शत्रुघ्नसिंहा तुम बकवास बंध करो.. अमिताभ बच्चन जैसे महानायक के बारे में एलफेल बोलना तुम्हे शोभा नहीं देता. चिल्लाना तुम्हारी पुरानी आदत है.तुम नये नये आये तब राजकपूर और प्राण के बारे में बकवास कर के बदनाम हुए थे..लेकिन याद रखो की अमिताभ अमिताभ है..एक ऐसा इंसान है की जिस पर हम भरोसा कर सकते है..तुम बरसो से उस ज्वालामुखी से जलते हो..उन की उँचाई तक तुम कभी पन्होच नहीं पाये...ठीक है तुम्हें तुम्हारी ओकात के मुताबिक जो मिलना था वो मिल चुका है...अब ज्यादा कुछ मिलने वाला नहीं है. अमिताभ से विवाद करके खुदका अस्तित्व साबित करना चाहते हो..लेकिन तुम्हारा इरादा समज में आ सकता है.. कहा जाता है की "गली का कुत्ता गली में ही वफादार होता है "लेकिन होता तो है...तुम्हारी वफ़ादारी न तो बिहार की गलिओ से रही है..न तो बीजेपी से... अमिताभ तुम जैसे को जो जवाब दे रहे है वह ठीक हो रहा है.हम जानते है की वो देवता नहीं है लेकिन एक उमदा कलाकार है और इतना ही उमदा इंसान है..इसीलिए तो हम उन्हे चाहते है..तुम भी एक अच्छे कलाकार हो लेकिन अमिताभ के सामने कुछ नहीं..अपना अपना लेवल होता है भाई..तुम ये बात समजते हो फिर भी क्यों बच्चे जैसी हरकते करते हो? बीजेपी के लिए तुम बोज हो.तुम बहादुर होने का दिखावा करते हो..भीतर से खोखले हो. इसीलिए तो तुम्हारी ही अदा में केहना पड़ता है की -खामोश!!!
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